डोनाल्ड ट्रम्प का शपथ ग्रहण समारोह: सत्ता में ऐतिहासिक वापसी


सुरिन्द्र कुमार: 20 जनवरी, 2025 को डोनाल्ड ट्रम्प ने संयुक्त राज्य अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली, जिससे वह ग्रोवर क्लीवलैंड के बाद पहले राष्ट्रपति बने, जिन्होंने दो गैर-लगातार कार्यकाल पूरे किए। यह समारोह कैपिटल रोटुंडा में आयोजित हुआ, जहां खराब मौसम के कारण शपथ ग्रहण का आयोजन किया गया।

दुनिया भर से इस आयोजन को देखा गया, और ट्रम्प के सत्ता में लौटने के साथ यह उम्मीद जताई गई कि वह अपने "अमेरिका फर्स्ट" के सिद्धांतों को जारी रखेंगे, साथ ही वैश्विक नेतृत्व की बदलती गतिशीलताओं को भी उजागर करेंगे। भारत और अन्य देशों के लिए इस आयोजन के व्यापार, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर महत्वपूर्ण प्रभाव थे।

शपथ ग्रहण समारोह

यह समारोह भव्यता और प्रतीकवाद से भरा हुआ था। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने फिर से शपथ दिलाई, जो ट्रम्प के ऐतिहासिक पुनः चुनाव की गवाही देने वाला क्षण था। ट्रम्प, उनकी पत्नी मेलानिया और परिवार के सदस्य इस कार्यक्रम में शामिल हुए, और उन्होंने एक ऐसा भाषण दिया जिसमें आशावाद और तात्कालिकता दोनों की भावना थी।

रोटुंडा में हुआ यह आयोजन अधिक शानदार था, जिसमें सैकड़ों अधिकारी, राजनयिक और समर्थक शामिल हुए। शपथ ग्रहण के बाद, ट्रम्प ने अपने प्रशासन के एजेंडे पर जोर दिया, जिसमें आर्थिक प्रगति, राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के क्षेत्र में नई पहल पर चर्चा की।

स्पीच के प्रमुख बिंदु

ट्रम्प का भाषण उनकी पहली बार की तुलना में थोड़ा अलग था, लेकिन उनके "अमेरिका फर्स्ट" दृष्टिकोण को फिर से दोहराया गया। उन्होंने अमेरिकी नागरिकों को भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार उनकी भलाई के लिए काम करेगी, और उन्होंने राष्ट्रीय गौरव, सुरक्षा और आर्थिक वृद्धि की दिशा में कई महत्वपूर्ण वादे किए। उन्होंने इस बार अंतरराष्ट्रीय सहयोग को लेकर अधिक प्रकट दृष्टिकोण दिखाया, जबकि पहले के कार्यकाल में उन्होंने संप्रभुता और राष्ट्रीय स्वार्थ को प्राथमिकता दी थी।

भारत के लिए, ट्रम्प के भाषण में आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से खड़ा होने और वैश्विक व्यापार में अमेरिका के नेतृत्व की ओर इशारा किया गया, जो द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक सकारात्मक संकेत था।

 जे.डी. वेंस का उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण

जे.डी. वेंस ने संयुक्त राज्य अमेरिका के 50वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। जे.डी. वेंस पहले ओहायो से यूएस सीनेटर के रूप में कार्य कर चुके हैं। उनका जीवन संघर्ष और सफलता की मिसाल है। उनका नाम विशेष रूप से उनकी पुस्तक "हिलबिली एलेजि" (Hillbilly Elegy) के लिए मशहूर हुआ, जिसमें उन्होंने अमेरिकी मध्यवर्गीय समाज के उत्थान और संघर्ष की कहानी साझा की थी। वेंस ने अपनी राजनीति में सामाजिक न्याय, आर्थिक विकास और अमेरिकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी है, जो उनके राजनीति में सक्रिय होने के कारण प्रमुख मुद्दे बने। 

डोनाल्ड ट्रम्प के 2025 शपथ ग्रहण भाषण के प्रमुख बिंदु

  • ट्रम्प ने राष्ट्रीय एकता की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि देश को "अमेरिका फर्स्ट" नीति को अपनाना चाहिए, चाहे वह व्यापार हो या सुरक्षा। उन्होंने राजनीतिक दलों के बीच विभाजन को समाप्त करने और नागरिकों से एकजुट होकर देश की भलाई के लिए काम करने का आह्वान किया।
  • ट्रम्प ने अमेरिकी उद्योगों, जैसे स्टील, कोयला और विनिर्माण, को फिर से जीवित करने का वादा किया। उन्होंने यह कहा कि अमेरिकी नौकरियों की सुरक्षा के लिए करों में कमी और नियमों को घटाने की आवश्यकता है ताकि अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिल सके।
  • ट्रम्प ने आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष को फिर से मजबूती से सामने रखा और आव्रजन नियंत्रण को कड़ा करने की अपनी नीति पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सेना और कानून प्रवर्तन एजेंसियों का समर्थन किया जाएगा।
  • "अमेरिका फर्स्ट" नीति का समर्थन करते हुए, ट्रम्प ने यह भी कहा कि अमेरिका को अपनी विदेश नीति में कठोर रुख अपनाना होगा, खासकर चीन, रूस और ईरान के मामलों में। हालांकि, उन्होंने वैश्विक शांति बनाए रखने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता भी व्यक्त की।
  • ट्रम्प ने अपनी सरकार की प्राथमिकता के रूप में अमेरिकी संप्रभुता को बहाल करने की बात की और उन अंतर्राष्ट्रीय समझौतों और संगठनों को खारिज किया, जो उनके अनुसार अमेरिकी हितों के खिलाफ थे, जैसे कि जलवायु समझौते और व्यापार समझौते।
  • राष्ट्रपति ने कानून और व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया, विशेष रूप से अमेरिकी शहरों में अपराध और अशांति को लेकर। उन्होंने कानून प्रवर्तन एजेंसियों का समर्थन करने और सभी नागरिकों के लिए न्याय सुनिश्चित करने का वादा किया।
  • ट्रम्प ने स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा प्रणालियों में सुधार के बारे में बात की। उन्होंने स्वास्थ्य देखभाल में रोगी का चुनाव और स्कूलों में अभिभावकों को शिक्षा का चयन करने की स्वतंत्रता की बात की।
  • ट्रम्प ने अमेरिकी विशिष्टता का समर्थन किया, जिसमें यह विचार शामिल है कि अमेरिका स्वतंत्रता और लोकतंत्र का प्रतीक है। उन्होंने इस धरोहर की रक्षा करने का संकल्प लिया और अमेरिकियों से राष्ट्रीय गर्व और एकजुटता को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
2017 के शपथ ग्रहण भाषण से तुलना
2017 के शपथ ग्रहण भाषण में ट्रम्प ने भी ऐसे ही बिंदु उठाए थे, जिनमें शामिल हैं:
  • "वॉशिंगटन एलाइट्स" के खिलाफ लड़ाई की क़स्म, और यह वादा किया कि वह शक्ति को "लोगों" को वापस देंगे।
  • अमेरिकी नौकरियों को फिर से बनाना और निर्माण उद्योग को बहाल करना।
  • इमिग्रेशन पॉलिसी को लेकर "ग्रेट वॉल" बनाने की बात की, और सीमा सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
  • वॉशिंगटन, डी.सी. में भ्रष्टाचार को समाप्त करने का संकल्प (जिसे उन्होंने "स्वैम्प को खत्म करना" कहा)।

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