हरियाणा का हॉगवर्ट्स और जादुई ग्रेस मार्क्स का कमाल

 


सुरिन्द्र कुमार - एक देश की कल्पना करें जहां परीक्षाएं प्राचीन देवताओं से भी अधिक पूजनीय हैं और उच्च अंक प्राप्त करना लगभग एक राष्ट्रीय खेल है। यहां एक शानदार कहानी सामने आती है। देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा के परिणाम घोषित किए जाते हैं, ठीक उसी समय जब देश चुनावों के भव्य तमाशे में मग्न होता है। क्या विचित्र संयोग हो सकता है!


यूजीसी-एनईईटी परीक्षा के नाटक-मुक्त विवाद के बीच शिक्षा मंत्रालय का बयान आता है कि "सरकार परीक्षाओं की पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है," और इसके प्रति प्रतिबद्धता का एक शानदार प्रदर्शन करते हुए वीरतापूर्वक नेट परीक्षा भी रद्द कर दी। भले ही "परीक्षा की अखंडता से समझौता किया गया हो।"


इस साल के यूजीसी-एनईईटी परीक्षा के परिणाम चमत्कार से कम नहीं थे। अचानक, कई छात्रों ने पूर्ण अंक प्राप्त किए। जिससे सबसे ऊंची कट-ऑफ का रिकॉर्ड इतिहास में दर्ज़ हो गया। यह सब देख यही लगता है, या तो पेपर उन सबके स्वर्गीय पूर्वजों द्वारा चेक की गई हों। या आइंस्टीन की आत्मा उनके भीतर आ चुकी हो। 


लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती! सभी ये मेधावी छात्र हरियाणा के झज्जर के एक विशेष केंद्र पर परीक्षा देते पाए गए। सोचिए एक ऐसा स्कूल जो साधारण छात्रों को चंद घंटो में परीक्षा का जादूगर बना देता है। अन्य दृष्टिकोण से देखें तो ऐसा तभी संभव है, हो न हो पर उस केन्द्र के पानी में कोई जादुई गुण होगा - या फिर हो सकता है कि यह केन्द्र हरियाणा में हॉगवर्ट्स ('हैरी पॉटर' वाला स्कूल) की एक शाखा हो?


परीक्षा अधिकारियों ने रहस्यमय देरी से परीक्षा शुरू होने की भरपाई के लिए "ग्रेस मार्क्स" देने का निर्णय लिया। यानि, प्रशासनिक प्रतिभा का जादू भी खूब चला! और पूरे के पूरे अंक अचानक प्रकट हो गए। ऐसा लगता है, जैसे अंको का कोई मजेदार खेल-खेल रहें हों, जिससे मेरिट तैयार होंगी जिनका का कोई मतलब नहीं होगा। वाक्य में यह अदभुत था, और हमारे यहीं संभव था। 


जब राष्ट्र इस नई गणित को समझने में व्यस्त था। यहाँ राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा या 'यूजीसी नेट' की एक दिन पहले हुई परीक्षा को रद्द कर दिया। शिक्षा मंत्रालय ने सिर्फ इस परीक्षा के लिए माना कि परीक्षा से समझौता किया गया है। बस ऐसे ही, पेपर को रद्द करना पड़ा। अब एंट्री हुई - केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), नौकरशाही की दुनिया के शर्लक होम्स, जिसे पेपर्स की डकैती के रहस्य को सुलझाने के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप दी गई। जिसने नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के संबंध में आपराधिक मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


जैसे-जैसे यह सर्कस जारी हैं, हंसे बिना नहीं रहा जा सकता। यह त्रुटियों की एक कॉमेडी है, जहां छात्र अनजाने में अभिनेता होते हैं, जिनके साथ साल भर जीतोड़ मेहनत के पश्चात भी कॉमेडी हो जाती है और दर्शक हंसते-हंसते लोटपोट हो जाते हैं। क्योंकि, ऐसा असीम संभावनाओं के देश में हो सकता है, क्या मालूम अगला अधिनियम और भी अधिक प्रफुल्लित करने वाला और अविश्वसनीय होने वाला हो।


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