एक अनोखी पहल

देशव्यापी लॉकड़ाऊन 2.0 के चलते बंद चले स्कूलों के कारण प्राथमिक पाठशाला लुड़ेरा के बच्चों को अपने घर में पढ़ाते हुए सुशांत।

द ईरावती:

पूरी दुनिया कोविड़-19 महामारी की चपेट में आ चुकी है। सभी देश इस महामारी से बचने और नियंत्रण हेतु हर संभव कोशिश कर रहे हैं। संपूर्ण भारत में प्रधानसेवक जी नें संपूर्ण 'लॉकड़ाउन' 2.0 लागू किया। जो कि अत्यंत जरूरी भी था। आज की तारीख तक भारत में कोविड़-19 के पॉजिटिव सक्रिय मामलों की संख्या भारत सरकार के स्वास्थय और परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 15,474 तक पहुंच चुके हैं।

इस संकट की घड़ी में देश का हर नागरिक बेहतरीन तरीके से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। डॉक्टर और पुलिस की जितनी तारीफ की जाए वो कम है। इसी कवायद में देश का एक जिम्मेदार नागरिक होने की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए बकाणी पंचायत के लुड़ेरा गांव के सुशांत ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला लड़ेरा के बच्चों को लॉकड़ाऊन के कारण बंद चल रहे स्कूलों के कारण अपने ही घर में पढ़ाने की अनोखी पहल है। उनके इस अदभुत् काम के लिए हर कहीं से तारीफ मिल रही है।

सुशांत के बारे में अगर बात की जाए तो वह लुड़ेरा गांव के ही स्थाई निवासी है। इनके पिता जी ने कई वर्षों तक इसी स्कूल में अध्यापन का कार्य किया है और हाल ही में सेवानिवृत हुए हैं। सुशांत ने स्वयं पोस्ट ग्रैजुएशन ज्योग्रॉफी में किया है तथा बीएड़ करने के उपरांत अध्यापक पात्रता परीक्षा भी उत्तीर्ण कर चुके हैं, और इन दिनों कमीशन की तैयारी में जुटे हैं।

जरूरी नहीं कि आप कुछ बड़ा ही करें। आप उतना ही करें जितना आप कर पाएं। देश सेवा के लिए उतना ही काफी है। समाज में ऐसी शुद्ध सोच का आने वाली पीड़ियों तक पहुंचना अत्यंत अवश्यक है। 'सुपर 30' के संस्थापक आनंद कुमार को आज कौन नहीं जानता है। आज ऐसी ही सोच की जरूरत है जिसे नाम नहीं वरन सिर्फ अपना काम करना है। स्वयं की पब्लिसिटी नहीं बल्कि पब्लिक सर्विस करनी है।

नोट : देश के हर उस नागरिक को 'इरावती' ब्लॉग धन्यावाद करता है। जो अपनी हर छोटी-बड़ी कोशिशों से देश के जिम्मेदार नागरिक होने के कर्त्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं। 

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